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Adesh Hospital

Adesh Hospital is the region’s leading multi-speciality hospital that covers the entire spectrum from illness to wellness. This hospital was established with the aim to create world class healthcare system, Fostering, Protecting, Sustaining, and Restoring health through best in class medicine practices and cutting edge technology developed through deep research carried out by the world’s best scientific minds. Adesh Hospital is acting as a health hub for thousands of patients who have or who are getting quality treatment for multiple health problems.

Super-specialists for Urology, Cardiology, Cardiac Surgery, Clinical Hematology, IVF, Rheumatology, Diabetology, Medical Gastroenterology, Surgical Gastroenterology, Neurosurgery, Paediatric Surgery, Neonatology, Plastic Surgery, Respiratory Medicine, Liver Transplant are all the centre of excellence and aim to offer the quality care to each and every patient in the best possible manner.With its latest, state of the art 750-bedded, multi-speciality hospital on NH-7, Adesh hospital is synonymous to perfection in the field of healthcare.

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Adesh Healthcare have opened new frontiers of hope for patients who are suffering from life threatening diseases.

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World Blood Donor Day celebrated at AIMSR, Bathinda: NGOs/Societies and Regular Blood Donors honored.

Adesh Hospital

On the occasion of World Blood Donor Day on 14th June, 10 NGOs, including, Samuh Kawad Sangh Emergency Blood Sewa,  Samaj ki Sewa, Bathinda Thalassemia, Caring people,  Sahara and Naujawan Welfare Societies, alongwith 60 Regular Blood Donors participating in blood donation at the blood centre, AIMSR Bathinda were honoured by presenting memento and appreciation certificate. This day is celebrated for motivation and awareness of NGO’s and voluntary Blood donors about need of blood at hospital for surgical, accidental, delivery, cancer, heart and emergency cases along with Thalassemia Patients. The theme for this year is “Donating blood is an act of solidarity. Join the effort and save lives." Dr Gurpreet Singh Gill (Medical Superintendent, Admin, AIMSR) said that our Blood centre of AIMSR, has all facilities and modern equipment’s to provide best and safe transfusion services to the patients. Col Jagdev Singh (Vice Chancellor, Adesh University), Dr. Harkiran Kaur Khaira (Dean, faculty of Medical Sciences, AIMSR), Dr R.G. Saini (Registrar, Adesh University), Dr Rajiv Mahajan (Principal, AIMSR), Dr. Manraj Kaur (Director, Adesh Advanced Imaging Institute), Dr (Brig.) Avtar Singh Bansal (Medical Superintendent) and Dr Harijot Singh Bhattal ( Deputy Medical Superintendent, AIMSR Hospital), Dr Sarabjeet Brar (Principal, College of Pharmacy, Adesh University) graced the occasion along with Dr. RN Maharishi (Prof and head, IHBT), Dr. Anshul Gupta (Associate Professor,IHBT), Dr. Nidhi, Dr. Yadwinder Kaur, Dr. Tamanna, Mr. Mohan Wankhede and other blood centre staff. Pledge was also taken by donors for voluntary blood donation.

14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान में भाग लेने वाले 10 एनजीओ/सोसाइटियों जिनमे कावड़ संघ इमरजेंसी ब्लड सेवा, समाज की सेवा, बठिंडा थैलेसीमिया, कैरिंग पीपल , सहारा और नौजवान वेलफेयर सोसाइटियों  सहित 60 नियमित रक्तदाताओं ने भाग लिया। ए आई एम एस आर, बठिंडा ने स्मृति चिन्ह और प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर एनजीओ/सोसाइटियों और नियमित रक्तदाताओं को सम्मानित किया। यह दिन थैलेसीमिया रोगियों के साथ-साथ सर्जरी, दुर्घटनावश, डिलिवरी, कैंसर, हृदय और इमरजेंसी मामलों के लिए अस्पताल में रक्त की आवश्यकता के बारे में एनजीओ और स्वैच्छिक रक्त दाताओं की प्रेरणा और जागरूकता के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष का थीम है “रक्तदान करना एकजुटता का कार्य है। इस प्रयास में शामिल हों और जीवन बचाएं।" डॉ गुरप्रीत सिंह गिल (एम्. एस. एडमिन.,ए आई एम एस आर) ने कहा कि हमारे ए आई एम एस आर के ब्लड सेंटर में मरीजों को सर्वोत्तम और सुरक्षित आधान सेवाएं प्रदान करने के लिए सभी सुविधाएं और आधुनिक उपकरण हैं। कर्नल जगदेव सिंह (उप -कुलपति, आदेश यूनिवर्सिटी ), डॉ. हरकिरण कौर खैरा (डीन, फैकल्टी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, ए आई एम एस आर), डॉ आर.जी. सैनी (रजिस्ट्रार, आदेश यूनिवर्सिटी), डॉ राजीव महाजन (प्रिंसिपल, ए आई एम एस आर), डॉ मनराज कौर (निदेशक, आदेश एडवांस्ड इमेजिंग इंस्टीट्यूट), डॉ (ब्रिगेड) अवतार सिंह बंसल (मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट ) और डॉ हरिजोत सिंह भट्टल (डिप्टी मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट, एआईएमएसआर), डॉ सरबजीत बराड़ (प्रिंसिपल, कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, आदेश यूनिवर्सिटी) ने डॉ आर. एन. महर्षि ( प्रोफेसर एंड हेड , आई एच बी टी), डॉ अंशुल गुप्ता (एसोसिएट प्रोफेसर, आई एच बी टी), डॉ निधि, डॉ. यादविंदर कौर, डॉ. तमन्ना, श्री मोहन वानखेड़े और अन्य ब्लड सेंटर स्टाफ के साथ इस अवसर पर शिरकत की। रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प भी लिया।

14 ਜੂਨ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ਵ ਬਲੱਡ ਡੋਨਰ ਦਿਵਸ ਮੌਕੇ 10 ਐਨਜੀਓ /ਸਸਾਇਟੀਆਂ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਕਾਵੜ ਸੰਘ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਬਲੱਡ ਸਰਵਿਸ, ਸਮਾਜ ਕੀ ਸੇਵਾ, ਬਠਿੰਡਾ ਥੈਲੇਸੀਮੀਆ, ਕੇਅਰਿੰਗ ਪੀਪਲ, ਸਹਾਰਾ ਅਤੇ ਨੌਜਵਾਨ ਵੈਲਫੇਅਰ ਸੋਸਾਇਟੀਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ 60 ਰੈਗੂਲਰ ਖੂਨਦਾਨੀਆਂ ਨੇ ਭਾਗ ਲਿਆ। ਏ ਆਈ ਐਮ ਐਸ ਆਰ, ਬਠਿੰਡਾ ਨੇ ਐਨਜੀਓ /ਸੋਸਾਇਟੀਆਂ ਅਤੇ ਨਿਯਮਤ ਖੂਨਦਾਨੀਆਂ ਨੂੰ ਯਾਦਗਾਰੀ ਚਿੰਨ੍ਹ ਅਤੇ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਾ ਪੱਤਰ ਦੇ ਕੇ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ। ਇਹ ਦਿਨ ਥੈਲੇਸੀਮੀਆ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਐਨਜੀਓ ਅਤੇ ਸਵੈਇੱਛੁਕ ਖੂਨਦਾਨੀਆਂ ਨੂੰ ਸਰਜਰੀ, ਦੁਰਘਟਨਾ, ਡਿਲੀਵਰੀ, ਕੈਂਸਰ, ਦਿਲ ਅਤੇ ਐਮਰਜੈਂਸੀ ਕੇਸਾਂ ਲਈ ਹਸਪਤਾਲ ਦੇ ਖੂਨ ਦੀ ਲੋੜ ਬਾਰੇ ਪ੍ਰੇਰਿਤ ਕਰਨ ਅਤੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਲਈ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਸਾਲ ਦਾ ਥੀਮ ਹੈ "ਖੂਨ ਦਾਨ ਏਕਤਾ ਦਾ ਕੰਮ ਹੈ। ਇਸ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਵੋ ਅਤੇ ਜਾਨਾਂ ਬਚਾਓ।" ਡਾ: ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ (ਐਮ. ਐਸ. ਐਡਮਿਨ. , ਏ ਆਈ ਐਮ ਐਸ ਆਰ) ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਡੇ ਏ ਆਈ ਐਮ ਐਸ ਆਰ ਦੇ ਬਲੱਡ ਸੈਂਟਰ ਵਿੱਚ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਅਤੇ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਟ੍ਰਾਂਸਫਿਊਜ਼ਨ ਸੇਵਾਵਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਸਾਰੀਆਂ ਸਹੂਲਤਾਂ ਅਤੇ ਆਧੁਨਿਕ ਉਪਕਰਨ ਮੌਜੂਦ ਹਨ। ਕਰਨਲ ਜਗਦੇਵ ਸਿੰਘ (ਵਾਈਸ-ਚਾਂਸਲਰ, ਆਦੇਸ਼ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ), ਡਾ: ਹਰਕਿਰਨ ਕੌਰ ਖਹਿਰਾ (ਡੀਨ, ਫੈਕਲਟੀ ਆਫ਼ ਮੈਡੀਕਲ ਸਾਇੰਸਜ਼, ਏ.ਆਈ.ਐੱਮ.ਐੱਸ.ਆਰ.), ਡਾ: ਆਰ.ਜੀ. ਸੈਣੀ (ਰਜਿਸਟਰਾਰ, ਆਦੇਸ਼ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ), ਡਾ: ਰਾਜੀਵ ਮਹਾਜਨ (ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ, ਏ.ਆਈ.ਐੱਮ.ਐੱਸ.ਆਰ.), ਡਾ: ਮਨਰਾਜ ਕੌਰ (ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਆਦੇਸ਼ ਐਡਵਾਂਸਡ ਇਮੇਜਿੰਗ ਇੰਸਟੀਚਿਊਟ), ਡਾ: (ਬ੍ਰਿਗੇਡੀਅਰ) ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਬਾਂਸਲ (ਮੈਡੀਕਲ ਸੁਪਰਡੈਂਟ) ਅਤੇ ਡਾ: ਹਰੀਜੋਤ ਸਿੰਘ ਭੱਠਲ (ਡਿਪਟੀ ਮੈਡੀਕਲ ਸੁਪਰਡੈਂਟ, ਏ.ਆਈ.ਐੱਮ.ਐੱਸ.ਆਰ.), ਡਾ: ਸਰਬਜੀਤ ਬਰਾੜ (ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ, ਕਾਲਜ ਆਫ਼ ਫਾਰਮੇਸੀ, ਆਦੇਸ਼ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ), ਇਸ ਮੌਕੇ 'ਤੇ  ਡਾ. ਆਰ. ਐਨ. ਮਹਾਰਿਸ਼ੀ (ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ ਅਤੇ ਹੇੱਡ, ਆਈ.ਐਚ.ਬੀ.ਟੀ.), ਡਾ. ਅੰਸ਼ੁਲ ਗੁਪਤਾ (ਐਸੋਸੀਏਟ ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ, ਆਈ.ਐਚ.ਬੀ.ਟੀ.), ਡਾ. ਨਿਧੀ, ਡਾ. ਯਾਦਵਿੰਦਰ ਕੌਰ, ਡਾ. ਤਮੰਨਾ, ਸ੍ਰੀ ਮੋਹਨ ਵਾਨਖੇੜੇ ਅਤੇ ਹੋਰਨਾ ਬਲੱਡ ਸੈਂਟਰ ਸਟਾਫ਼ ਨੇ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ। ਖੂਨਦਾਨੀਆਂ ਨੇ ਸਵੈ-ਇੱਛਾ ਨਾਲ ਖੂਨਦਾਨ ਕਰਨ ਦਾ ਪ੍ਰਣ ਵੀ ਲਿਆ।

Dr. Grace Budhiraja at AIMSR, Bathinda successfully performed the first simultaneous bilateral cochlear implant surgery with latest slim modiolar (632) cochlear Implant

Adesh Hospital

17th May, Bathinda - In a first for the region, a team of doctors lead by Dr. Grace Budhiraja at Adesh Institute of Medical Sciences and Research, Bathinda successfully performed a Cochlear implant surgery with the latest available technology of slim modiolar electrodes (CI632). Surgery was performed for both the ears simultaneously making sure that the child could have the gift of hearing from both the ears together.  Dr. Grace shared pearls from her journey of starting Cochlear Implant program in Bathinda and how it has been years worth of efforts to ensure the availability of such an advanced procedure at Bathinda that gives a new lease of life to children who are born deaf. She further shared that earlier only 1 out of 100 such children were availing this treatment in the region, as they had to travel far and wide to undergo this surgery. But now she hopes that more and more parents will make sure that their children are benefitted by the Cochlear Implant since it is now available closer home. Presently the team at Adesh hospital is fully equipped for even the latest technology implants along with the complete pre surgery and post-surgery support for such children and their parents. Dr. Grace put forth her vision to make this surgery a viable treatment option for every parent in the region. She therefore requested support from every member of the society to raise awareness about this surgery and educate parents about the same. The two key things that are highly important to be considered while undergoing a Cochlear Implant surgery are: to get the surgery as early as possible (ideally under the age of 1 year) and if possible to get it done for both the ears simultaneously so that children with severe to profound hearing loss can be rehabilitated to a normal life and mainstream society and schooling as early as possible. It is thus a great initiative for the service of hearing impaired population in the Malwa region. Dr Gurpreet Singh Gill (M S Admin) told that The Department of ENT at AIMSR, Bathinda is carrying out these surgeries successfully since quite some time now and also the department of ENT conducts various camps for screening of hearing disabled children from time to time.

ए. आई. एम. एस. आर., बठिंडा में डॉ ग्रेस बुद्धिराजा ने नवीनतम स्लिम मोडिओलर (632) कॉक्लियर इम्प्लांट के साथ बच्चे के दोनों कानों की एक साथ कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की

क्षेत्र में पहली बार, बठिंडा के आदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च में डॉ ग्रेस बुद्धिराजा के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने स्लिम मोडिओलर इलेक्ट्रोड (CI632) की नवीनतम उपलब्ध तकनीक के साथ कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की। जिकरयोग है की बच्चे के दोनों कानों की एक साथ सर्जरी की गई ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चे को दोनों कानों से एक साथ सुनने का उपहार मिल सके। डॉ. ग्रेस ने बठिंडा में कॉक्लियर इंप्लांट कार्यक्रम शुरू करने की अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए कहा और बठिंडा में ऐसी उन्नत प्रक्रिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्षों के प्रयास कैसे किए गए जो बधिर पैदा हुए बच्चों को जीवन को  एक नया जीवन  देता है। उन्होंने आगे बताया कि पहले ऐसे 100 बच्चों में से केवल 1 ही इस क्षेत्र में इस उपचार का लाभ उठा रहा था, क्योंकि उन्हें इस सर्जरी के लिए दूर जाना पड़ता था। लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि अधिक से अधिक माता-पिता यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके बच्चे कोक्लेयर इम्प्लांट से लाभान्वित हों क्योंकि अब इस इलाज की सुविधा आदेश अस्पताल बठिंडा में उपलब्ध है। वर्तमान में आदेश अस्पताल की टीम ऐसे बच्चों और उनके माता-पिता के लिए पूरी तरह से पूर्व सर्जरी और सर्जरी के बाद समर्थन के साथ-साथ नवीनतम तकनीक प्रत्यारोपण के लिए भी पूरी तरह से सुसज्जित है। डॉ. ग्रेस ने इस सर्जरी को क्षेत्र के प्रत्येक माता-पिता के लिए एक व्यवहार्य उपचार विकल्प बनाने के लिए अपना दृष्टिकोण रखा। इसलिए उन्होंने इस सर्जरी के बारे मे जागरूकता बढ़ाने और माता-पिता को इसके बारे में शिक्षित करने के लिए समाज के हर सदस्य से समर्थन का अनुरोध किया। कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी के दौरान जिन दो प्रमुख बातों पर विचार किया जाना चाहिए, वे हैं: जितनी जल्दी हो सके सर्जरी करवाना (आदर्श रूप से 1 वर्ष से कम उम्र में) और यदि संभव हो तो दोनों कानों के लिए एक साथ करवाना ताकि गंभीर से गंभीर श्रवण हानि वाले बच्चों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन और मुख्यधारा के समाज और स्कूली शिक्षा में पुनर्वासित किया जा सकता है। इस प्रकार मालवा क्षेत्र में श्रवण बाधित आबादी की सेवा के लिए यह एक बड़ी पहल है। डा गुरप्रीत सिंह गिल (एम् एस एडमिन) ने हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया की आदेश अस्पताल, बठिंडा के इ.एन.टी. विभाग में कॉकलियर इंप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही है। सर्जरी के उपरांत इन बच्चों को फ्री स्पीच एवं हियरिंग रीहेब्लीटेशन दी जाती है। इसी के चलते, समय समय पर गूंगे और बहरे बच्चों के लिए अलग अलग जगह पर कैंप लगाये जाते है। कैंप में मुफ़्त स्क्रीनिंग की जाती है और कॉकलियर इंप्लांट के बारे में भी जानकारी दी जाती है।

ਏ. ਆਈ. ਐੱਮ. ਐੱਸ. ਆਰ. , ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਡਾ. ਗ੍ਰੇਸ ਬੁੱਧੀਰਾਜਾ ਨੇ ਨਵੀਨਤਮ ਸਲਿੱਮ ਮੋਡੀਓਲਰ (632) ਕੋਕਲੀਅਰ ਇਮਪਲਾਂਟ ਨਾਲ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਕੰਨਾਂ ਦੀ ਇਕੱਠੇ ਕੋਕਲੀਅਰ ਇਮਪਲਾਂਟ ਸਰਜਰੀ ਸਫਲਤਾਪੂਰਵਕ ਕੀਤੀ।

ਖੇਤਰ ਲਈ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ, ਆਦੇਸ਼ ਇੰਸਟੀਚਿਊਟ ਆਫ਼ ਮੈਡੀਕਲ ਸਾਇੰਸਜ਼ ਐਂਡ ਰਿਸਰਚ, ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਡਾ. ਗ੍ਰੇਸ ਬੁੱਧੀਰਾਜਾ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਵਿੱਚ ਡਾਕਟਰਾਂ ਦੀ ਇੱਕ ਟੀਮ ਨੇ ਸਲਿੱਮ ਮੋਡੀਓਲਰ ਇਲੈਕਟ੍ਰੋਡਜ਼ (CI632) ਦੀ ਨਵੀਨਤਮ ਉਪਲਬਧ ਤਕਨੀਕ ਨਾਲ ਸਫਲਤਾਪੂਰਵਕ ਕੋਕਲੀਅਰ ਇਮਪਲਾਂਟ ਸਰਜਰੀ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਵਿੱਚ ਜਿਕਰ ਯੋਗ ਹੈ ਕੀ ਬੱਚੇ ਦੀ ਇੱਕੋ ਸਮੇਂ ਦੋਵੇਂ ਕੰਨਾਂ ਦੀ ਸਰਜਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ ਕਿ ਬੱਚੇ ਨੂੰ ਦੋਵੇਂ ਕੰਨਾਂ ਤੋਂ ਸੁਣਨ ਦੀ ਦਾਤ ਮਿਲ ਸਕੇ। ਡਾ. ਗ੍ਰੇਸ ਨੇ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿੱਚ ਕੋਕਲੀਅਰ ਇਮਪਲਾਂਟ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਦੇ ਆਪਣੇ ਸਫ਼ਰ ਦੇ ਮੋਤੀ ਸਾਂਝੇ ਕੀਤੇ ਅਤੇ ਕਿਵੇਂ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੀ ਅਡਵਾਂਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਦੀ ਉਪਲਬਧਤਾ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਦੀਆਂ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਕੀਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਬੋਲ਼ੇ ਪੈਦਾ ਹੋਏ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਨਵਾਂ ਜੀਵਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਓਹਨਾਂ ਨੇ ਅੱਗੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੇ 100 ਬੱਚਿਆਂ ਵਿੱਚੋਂ ਸਿਰਫ 1 ਬੱਚੇ ਹੀ ਇਸ ਇਲਾਜ ਦਾ ਲਾਭ ਲੈ ਰਿਹਾ ਸੀ , ਕਿਉਂਕਿ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਸਰਜਰੀ ਨੂੰ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਦੂਰ-ਦੂਰ ਤੱਕ ਜਾਣਾ ਪੈਂਦਾ ਸੀ। ਪਰ ਹੁਣ ਉਹ ਉਮੀਦ ਕਰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮਾਪੇ ਇਹ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣਗੇ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਕੋਕਲੀਅਰ ਇਮਪਲਾਂਟ ਦੁਆਰਾ ਲਾਭ ਮਿਲੇ ਕਿਉਂਕਿ ਹੁਣ ਇਸ ਇਲਾਜ਼ ਦੀ ਸੁਵਿਧਾ ਆਦੇਸ਼ ਹਸਪਤਾਲ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਉਪਲਬਧ ਹੈ। ਵਰਤਮਾਨ ਵਿੱਚ ਆਦੇਸ਼ ਹਸਪਤਾਲ ਦੀ ਟੀਮ ਅਜਿਹੇ ਬੱਚਿਆਂ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮਾਪਿਆਂ ਲਈ ਇਸ ਸਰਜਰੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਅਤੇ ਸਰਜਰੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੂਰੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਨਵੀਨਤਮ ਤਕਨਾਲੋਜੀ ਇਮਪਲਾਂਟ ਲਈ ਵੀ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਲੈਸ ਹੈ। ਡਾ. ਗ੍ਰੇਸ ਨੇ ਇਸ ਸਰਜਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤਰ ਦੇ ਹਰੇਕ ਮਾਤਾ-ਪਿਤਾ ਲਈ ਇੱਕ ਵਿਹਾਰਕ ਇਲਾਜ ਵਿਕਲਪ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਆਪਣਾ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀਕੋਣ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਲਈ ਓਹਨਾਂ ਨੇ ਸਮਾਜ ਦੇ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀ ਤੋਂ ਇਸ ਸਰਜਰੀ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਅਤੇ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਲਈ ਸਹਿਯੋਗ ਦੀ ਬੇਨਤੀ ਕੀਤੀ। ਕੋਕਲੀਅਰ ਇਮਪਲਾਂਟ ਸਰਜਰੀ ਕਰਵਾਉਣ ਵੇਲੇ ਦੋ ਮੁੱਖ ਗੱਲਾਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ 'ਤੇ ਵਿਚਾਰ ਕਰਨਾ ਬਹੁਤ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੈ ਉਹ ਹਨ: ਜਿੰਨੀ ਜਲਦੀ ਹੋ ਸਕੇ ਸਰਜਰੀ ਕਰਵਾਉਣਾ (ਆਦਰਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ 1 ਸਾਲ ਤੋਂ ਘੱਟ ਉਮਰ ਦੇ) ਅਤੇ ਜੇ ਸੰਭਵ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦੋਵੇਂ ਕੰਨਾਂ ਲਈ ਇੱਕੋ ਸਮੇਂ ਕਰਾਉਣਾ। ਗੰਭੀਰ ਤੋਂ ਡੂੰਘੀ ਸੁਣਨ ਸ਼ਕਤੀ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਵਾਲੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਜਿੰਨੀ ਜਲਦੀ ਸੰਭਵ ਹੋ ਸਕੇ ਇੱਕ ਆਮ ਜੀਵਨ ਅਤੇ ਸਮਾਜ ਦੀ ਮੁੱਖ ਧਾਰਾ ਅਤੇ ਸਕੂਲ ਵਿੱਚ ਮੁੜ ਵਸੇਬਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਾਲਵਾ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਸੁਣਨ ਤੋਂ ਅਸਮਰੱਥ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਲਈ ਇਹ ਇੱਕ ਵਧੀਆ ਉਪਰਾਲਾ ਹੈ। ਡਾ: ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ (ਐੱਮ. ਐੱਸ. ਐਡਮਿਨ) ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਏ.ਆਈ.ਐੱਮ.ਐੱਸ.ਆਰ., ਬਠਿੰਡਾ ਵਿਖੇ ਈ.ਐੱਨ.ਟੀ. ਵਿਭਾਗ ਪਿਛਲੇ ਕਾਫੀ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਇਹ ਸਰਜਰੀਆਂ ਸਫਲਤਾਪੂਰਵਕ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਈ.ਐੱਨ.ਟੀ. ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ 'ਤੇ ਸੁਣਨ ਤੋਂ ਅਸਮਰੱਥ ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਸਕ੍ਰੀਨਿੰਗ ਲਈ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕੈਂਪ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ।

 

 

Adesh celebrates “INTERNATIONAL NURSES DAY 2022”

Adesh Hospital

On 12th may Adesh celebrated INTERNATIONAL NURSES DAY to raise awareness of the important role that nurses play in society and at the same time, to increase their confidence and give them a big appreciation for their contribution towards the patient care during this pandemic. On this day Dr Gurpreet Singh Gill (Medical Supdt) Administration highlighted the role of nurse in modern health care set up and appreciated their dedication and hard work for managing various types of Covid 19 patients from all over North India admitted in specially created 200 bedded Covid hospital at Adesh during pandemic. He also unfolded the theme of Nursing day, which is “Nurses: A Voice to Lead – Invest in Nursing and respect rights to secure global health”. The nurses day Commemorated with Shabad Gayan and Lamp lighting in the presence of honorable Vice Chancellor Col Jagdev Singh and Chief Guest Dr. Tejinder Singh and all the dignitaries. Nursing Superintendent of Adesh Mrs Sathi Jagdeshan welcomed all guests’ staff nurses and nursing students.Main attraction of the event was nursing quiz conducted by Dr Simaranjit kaur and Dr. Kirandeep Kaur from nursing faculty and winners of quiz were awarded with prizes. Medical Superintendent Dr Avtar Singh Bansal highly appreciated the role of nursing staff during Covid-19 pandemic when nurses worked day a night to save the patients of Covid-19. He also spoke about Indian nurse Mrs Shanti Teresa Lakra, who won Florence Nightingale Award and Government of India awarded her Padma Shri, the fourth highest civilian award for her dedicated services to mankind. Students of nursing enthralled audience with their mesmerizing Bhangra performance. Prof.Shridhar K.V.  Principal College of Nursing delivered vote of thanks to all the dignitaries, nurses and students for gracing the occasion. The Programme included everything which was tribute to nursing team for their support to all the people.

ਆਦੇਸ਼ ਇੰਸਟੀਚਿਊਟ ਨੇ "ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਨਰਸ ਦਿਵਸ 2022" ਮਨਾਇਆ

12 ਮਈ ਨੂੰ ਆਦੇਸ਼ ਇੰਸਟੀਚਿਊਟ ਨੇ ਸਮਾਜ ਵਿੱਚ ਨਰਸਾਂ ਦੀ ਅਹਿਮ ਭੂਮਿਕਾ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਪੈਦਾ ਕਰਨ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਆਤਮਵਿਸ਼ਵਾਸ ਨੂੰ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਇਸ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਦੌਰਾਨ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਵਿੱਚ ਪਾਏ ਯੋਗਦਾਨ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਭਰਪੂਰ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕਰਨ ਲਈ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਨਰਸ ਦਿਵਸ ਮਨਾਇਆ। ਇਸ ਦਿਨ ਡਾ: ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ (ਮੈਡੀਕਲ ਸੁਪਰਡੈਂਟ) ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਆਧੁਨਿਕ ਸਿਹਤ ਸੰਭਾਲ ਵਿੱਚ ਨਰਸ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਬਾਰੇ ਚਾਨਣਾ ਪਾਇਆ ਅਤੇ ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਦੌਰਾਨ ਆਦੇਸ਼ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ 'ਤੇ ਬਣਾਏ 200 ਬਿਸਤਰਿਆਂ ਵਾਲੇ ਕੋਵਿਡ ਹਸਪਤਾਲ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਤੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਕੋਵਿਡ-19 ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਲਈ ਓਹਨਾਂ ਦਾ ਸਮਰਪਣ ਅਤੇ ਸਖ਼ਤ ਮਿਹਨਤ ਦੀਆਂ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ। ਓਹਨਾਂ ਨੇ  ਨਰਸਿੰਗ ਦਿਵਸ ਦੀ ਥੀਮ ਦਾ ਵੀ ਜ਼ਿਕਰ ਕੀਤਾ, ਜੋ ਕਿ "ਨਰਸ: ਅਗਵਾਈ ਕਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਆਵਾਜ਼- ਨਰਸਿੰਗ ਵਿੱਚ ਨਿਵੇਸ਼ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਵਿਸ਼ਵ ਸਿਹਤ ਨੂੰ ਸੁਰੱਖਿਅਤ ਕਰਨ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰਾਂ ਦਾ ਸਨਮਾਨ ਕਰਨਾ" ਹੈ। ਮਾਨਯੋਗ ਵਾਈਸ-ਚਾਂਸਲਰ ਕਰਨਲ ਜਗਦੇਵ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ ਡਾ: ਤੇਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਅਤੇ ਸਮੂਹ ਪਤਵੰਤਿਆਂ ਦੀ ਹਾਜ਼ਰੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਬਦ ਗਾਇਨ ਅਤੇ ਦੀਪਮਾਲਾ ਕਰਕੇ ਨਰਸ ਦਿਵਸ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ। ਆਦੇਸ਼ ਦੀ ਨਰਸਿੰਗ ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਸ੍ਰੀਮਤੀ ਸਥੀ ਜਗਦੀਸ਼ਨ ਨੇ ਸਮੂਹ ਮਹਿਮਾਨ, ਸਟਾਫ਼ ਨਰਸਾਂ ਅਤੇ ਨਰਸਿੰਗ ਵਿਦਿਆਰਥਣਾਂ ਦਾ ਸਵਾਗਤ ਕੀਤਾ।ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦਾ ਮੁੱਖ ਵਿਸ਼ਾ ਨਰਸਿੰਗ ਫੈਕਲਟੀ ਦੇ ਡਾ: ਸਿਮਰਨਜੀਤ ਕੌਰ ਅਤੇ ਡਾ: ਕਿਰਨਦੀਪ ਕੌਰ ਦੁਆਰਾ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਨਰਸਿੰਗ ਕੁਇਜ਼ ਸੀ ਅਤੇ ਕੁਇਜ਼ ਦੇ ਜੇਤੂਆਂ ਨੂੰ ਇਨਾਮ ਦੇ ਕੇ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਮੈਡੀਕਲ ਸੁਪਰਡੈਂਟ ਡਾ: ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਬਾਂਸਲ ਨੇ ਕੋਵਿਡ-19 ਮਹਾਂਮਾਰੀ ਦੌਰਾਨ ਨਰਸਿੰਗ ਸਟਾਫ਼ ਦੀ ਭੂਮਿਕਾ ਦੀ ਭਰਪੂਰ ਸ਼ਲਾਘਾ ਕੀਤੀ, ਜਦੋਂ ਨਰਸਾਂ ਨੇ ਕੋਵਿਡ-19 ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਦਿਨ-ਰਾਤ ਕੰਮ ਕੀਤਾ। ਓਹਨਾਂ ਨੇ ਫਲੋਰੈਂਸ ਨਾਈਟਿੰਗੇਲ ਅਵਾਰਡ ਜਿੱਤਣ ਵਾਲੀ ਭਾਰਤੀ ਨਰਸ ਸ਼੍ਰੀਮਤੀ ਸ਼ਾਂਤੀ ਟੇਰੇਸਾ ਲਾਕਰਾ ਬਾਰੇ ਵੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਉਸਨੂੰ ਮਨੁੱਖਤਾ ਲਈ ਸਮਰਪਿਤ ਸੇਵਾਵਾਂ ਲਈ ਚੌਥਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਨਾਗਰਿਕ ਪੁਰਸਕਾਰ ਪਦਮ ਸ਼੍ਰੀ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ। ਨਰਸਿੰਗ ਦੀਆਂ ਵਿਦਿਆਰਥਣਾਂ ਨੇ ਭੰਗੜੇ ਦੀ ਪੇਸ਼ਕਾਰੀ ਨਾਲ ਦਰਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਮਨ ਮੋਹ ਲਿਆ। ਪ੍ਰੋ. ਸ੍ਰੀਧਰ ਕੇ.ਵੀ ਕਾਲਜ ਆਫ਼ ਨਰਸਿੰਗ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਨੇ ਮੁੱਖ ਮਹਿਮਾਨ, ਪਤਵੰਤੇ ਸੱਜਣਾਂ ਅਤੇ ਨਰਸਿੰਗ ਸਟਾਫ਼ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ ਕੀਤਾ।

आदेश इंस्टिट्यूट ने मनाया "अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2022"

12 मई को आदेश इंस्टिट्यूट ने समाज में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और साथ ही, इस महामारी के दौरान रोगी देखभाल के प्रति उनके योगदान के लिए उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें एक बड़ी सराहना देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया। इस दिन डॉ गुरप्रीत सिंह गिल (चिकित्सा अधीक्षक) प्रशासन ने आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल में नर्स की भूमिका पर प्रकाश डाला और महामारी के दौरान आदेश अस्पताल में विशेष रूप से बनाए गए 200 बिस्तरों  वाले कोविड अस्पताल में भर्ती पूरे उत्तर भारत के विभिन्न प्रकार के कोविड-19 रोगियों के प्रबंधन के लिए उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने नर्सिंग दिवस का विषय भी बताया, जो "नर्स: ए वॉयस टू लीड-नर्सिंग में निवेश और वैश्विक स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के अधिकारों का सम्मान" है। नर्स दिवस के उपलक्ष्य में माननीय उप-कुलपति कर्नल जगदेव सिंह और मुख्य अतिथि डॉ. तेजिंदर सिंह और सभी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में शबद गायन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ मनाया गया। आदेश की नर्सिंग अधीक्षक श्रीमती सथी जगदीशन ने सभी अतिथि स्टाफ नर्सों और नर्सिंग छात्रों का स्वागत किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नर्सिंग फैकल्टी की डॉ सिमरनजीत कौर और डॉ किरणदीप कौर द्वारा संचालित नर्सिंग क्विज थी और क्विज के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ अवतार सिंह बंसल ने कोविड-19 महामारी के दौरान नर्सिंग स्टाफ की भूमिका की बहुत सराहना की, जब नर्सों ने कोविड -19 के रोगियों को बचाने के लिए दिन-रात काम किया। उन्होंने भारतीय नर्स श्रीमती शांति टेरेसा लाकरा  के बारे में भी बात की, जिन्होंने फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार जीता और भारत सरकार ने उन्हें मानव जाति के लिए समर्पित सेवाओं के लिए चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पदम्  श्री से सम्मानित किया। नर्सिंग की छात्राओं ने भांगड़ा की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रो. श्रीधर के.वी. प्रिंसिपल, कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने इस अवसर की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि, गणमान्य व्यक्तियों  तथा नर्सिंग स्टाफ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

Frequently Asked Questions

To get in touch with the hospital, you can visit our website adeshhospital.com to get required information. You can also contact us at 0164-5055015 and 0164-5055000. In case of emergency, you can contact us through our emergency numbers (0164-5055100, 0164-5055055).You can even connect with us using our social media platforms-Facebook, Instagram and Whatsapp.
You can apply on a preset proforma, for your medical records. You will be given copies of your records, except in medico-legal cases.
The OPD timing is from 8 am to 4 pm (Monday to Saturday).
Yes of course. We have deluxe rooms and super deluxe rooms available here. You can be accommodated there during your treatment period.
Payment can be made in cash or using credit/debit cards. You can also directly transfer payment to us using internet banking.
Yes, you shall be provided a detailed discharge report and a copy of investigation report.